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* Yaadein...*





1 comments:

"SURE" said...

समुद्र सी गहराई ....रचना में जितनी बेताबी है लगता है समुद्र के सीने पर उँगलियों से लिखा है .और लहरों को और भी बेचैन कर दिया है..यादों को ठहरे पानी की तरह भी संजो कर रखना ठीक नहीं समुद्र की तरह हिलोरे लेता हुआ दिल यादों को कैसे बर्दाश्त करता है ..यही तो जीवन को सहने की क्षमता है...भावपूर्ण रचना ..समुद्र की तस्वीर पर यादों का उकेरना बहुत अछ्छा लगा

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